मेरे मन की बात: क्या 1992 का घोटाला एक मिथक है? 1992 का घोटाला ... आज भी यह शब्द सुनते ही कई लोगों के मन में खलबली मच जाती है। ये घोटाला , एक ऐसा दौर था जहाँ भारतीय शेयर बाजार की तस्वीर ही बदल गई थी। और इस बदलाव के केंद्र में थे हर्षद मेहता , जिन्हें ' बिग बुल ' और शेयर बाजार का अमिताभ बच्चन भी कहा जाता था। 1992 का शेयर बाजार घोटाला , कुछ लोग इसे एक गंभीर अपराध मानते हैं , जबकि कुछ इसे एक मिथक या एक अतिरंजित कहानी मानते हैं। इस लेख में , हम इस विवादित मुद्दे पर गहराई से विचार करेंगे और यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या वास्तव में 1992 का घोटाला , जैसा कि हमें बताया गया है , वैसा ही था या इसमें कोई और सच्चाई भी छिपी हुई है। शेयर बाजार में क्रांति : हर्षद मेहता का उदय हर्षद मेहता , एक ऐसा नाम जो भारतीय शेयर बाजार में क्रांति का प्रतीक बन गया। एक ऐसा समय था जब भारतीय शेयर बाजार अपनी धीमी गति के लिए जाना जाता था। यह एक कछुए की...